इस अंक के रचनाकार

आलेख राम थे अथवा नहीं : रामकथा एक भावुक कवि की कोरी कल्पना है ?, कमल नारायण मेहरोत्रा, प्रस्तुति : डॉ. डी एस शुक्ला, कहानी ऐ गंगा, तुम बहती हो क्यूँ ? : विवेक मिश्र, मकड़जाल : श्रीमती शशि पाठक, आधार : मुंशी प्रेमचंद , खदान : प्रदीप मोगरे , काबुलीवाला : रविन्द्रनाथ टैगोर , लघुकथा पूर्ण विराम : ज्योति व्यास , उपयोगिता : सीमा व्यास , इनकी भी तो सुनो : डॉ. आर.बी. भण्डारकर , हिस्साः , मिलते बहुत हैं, जो मिला उसे सहेज लिया : कुबेर , विलुप्त प्रजाति का भारतीय मानव : कुबेर , अति सोच : अंजु ओझा , एक और नोक झोंक : रीता मक्कड़ , गीत / गजल / कविता वक्त : सरला मेहता (गीत ), डाली का फूल :मधुकर वनमाली (नवगीत), छाते : बलदाऊ राम साहू (बालगीत), कउनो खरपतवार बना ले : छत्तरपाल साहू (छत्तीसगढ़ी गीत ), राजकुमार मसखरे की रचनाएं , विज्ञान व्रत की दो गज़लें , नवीन माथुर पंचोली की ग़ज़लें, कैलेन्डर की आखिरी तारीख (कविता ) , कमरछठ : सुखदेव सिंह ’ अहिलेश्वर’ ( छंद ) , कोकिल : चन्द्रकांत खुटे ’ क्रांति’ (छंद) , करमा : बोधन राम निषाद’ राज’ (छत्तीसगढ़ी गीत ), आदतन : आस्था ( कविता ) , व्यंग्य, सुहाना सफर : अजीत सिंह चारण , अच्छी फसल होने का दुख : नूतन प्रसाद , पुस्तक समीक्षा, मैं फूलमती और हिजड़े स्त्री अस्मिता की तलाश की कहानियां : समीक्षक : अजय चंद्रवंशी , चंदैनी गोंदा : एक समृद्ध ग्रंथ : समीक्षक : वीरेन्द्र बहादुर सिंह, सपने का भी एक सपना होता है ’ गांधी चौक’ : समीक्षक : यशपाल जंघेल , फिल्म समीक्षा, काबुलीवाला : विमल राय - 1961 / 31 : समीक्षक : अजय चंद्रवंशी, साहित्यिक सांस्कृतिक गतिविधियाँ, विचार गोष्ठी ’ आदमी स्वर्ग से’, .

सोमवार, 1 अक्तूबर 2012

मेरी चौबीस कहानियां

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें